

नई दिल्ली: टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और दुनिया के बेस्ट ऑलराउंडर्स में गिने जाने वाले कपिल देव अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं। कपिल देव का जन्म 6 जनवरी 1959 को चंडीगढ़ में हुआ था। टीम इंडिया ने अपना पहला वर्ल्ड कप 1983 में कपिल देव की ही कप्तानी में जीता था। कपिल जितने अच्छे गेंदबाज थे, उतनी ही जबर्दस्त बैटिंग भी करते थे। उन्हें क्रिकेट इतिहास के सबसे महान कप्तानों में भी गिना जाता है। कपिल देव के खाते में कुल 9031 इंटरनैशनल रन, 687 इंटरनैशनल विकेट दर्ज हैं। कपिल से जुड़ा एक किस्सा है, जिसमें उन्होंने भारत को फॉलोऑन से बचाने के लिए इंग्लैंड के खिलाफ लगातार चार छक्के जड़े थे।

वनडे इंटरनैशनल क्रिकेट में सबसे पहले 200 विकेट लेने का रिकॉर्ड कपिल देव के नाम दर्ज है, जबकि वह इकलौते ऐसे टेस्ट खिलाड़ी हैं, जिसके खाते में 400 विकेट से ज्यादा विकेट और 5000 से ज्यादा रन दर्ज हैं। चलिए आपको हम कपिल देव के उन चार छक्कों का किस्सा बताते हैं, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया था।
1990 में भारतीय क्रिकेट टीम इंग्लैंड दौरे पर गई थी और पहला टेस्ट मैच लंदन के लॉर्ड्स मैदान पर खेला जा रहा था। भारत ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला लिया और इंग्लैंड ने चार विकेट पर 653 रनों पर पारी घोषित की। कप्तान ग्राहम गूज ने 333, एलन लैम्ब ने 139 और रॉबिन स्मिथ ने नॉटआउट 100 रनों की पारी खेली थी। जवाब में भारत की ओर से रवि शास्त्री और कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने सेंचुरी जड़ थी, जबकि कपिल देव 77 रन बनाकर नॉटआउट लौटे थे। भारत ने 9 विकेट गंवा दिए थे और फॉलोऑन से बचने के लिए 24 रनों की जरूरत थी। कपिल देव स्ट्राइक पर थे और उन्होंने लगातार चार छक्के लगाकर भारत को फॉलोऑन से बचाया था। हालांकि उस मैच में भारत को 247 रनों से बड़ी हार झेलनी पड़ी थी।
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