

नई दिल्ली. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेले जा रहे चौथे टेस्ट के आखिरी दिन दो पूर्व क्रिकेटरों संजय मांजरेकर और ग्लेन मैक्ग्रा में लंबी बहस देखने को मिली. दोनों क्रिकेटर डीआरएस के तहत दिए गए एक निर्णय पर असहमत नजर आए. ग्लेन मैक्ग्रा ने इस निर्णय पर नाराजगी जताई कि अगर यह भी आउट नहीं था तो फिर आउट किसे दिया जाएगा. जबकि, संजय मांजरेकर ने कहा कि टेक्नोलॉजी के जमाने में हमें ऐसे फैसले स्वीकार करने होंगे.

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथा टेस्ट आखिरी पड़ाव पर है. मैच के पांचवें दिन 18वें ओवर में चेतेश्वर पुजारा के खिलाफ जोरदार अपील हुई. नाथन लॉयन की इस गेंद को पुजारा ने आगे निकलकर डिफेंस करने की कोशिश की. गेंद पुजारा के अनुमान से ज्यादा घूमी और उनके बल्ले पर ना आकर पैड से टकराई. अंपायर ने एलबीडब्ल्यू की अपील खारिज कर दी. इस पर ऑस्ट्रेलिया ने डीआरएस लिया. रीप्ले में गेंद का तकरीबन आधा ज्यादा लेग स्टंप से टकराता दिखा. हालांकि, टीवी अंपायर ने अंपायर्स कॉल के तहत पुजारा को नॉट आउट करार दिया.
It doesn't get much closer than that!
— cricket.com.au (@cricketcomau) January 19, 2021
Pujara survives #AUSvIND pic.twitter.com/3ecJjyUUFa
‘सोनी सिक्स’ पर कॉमेंट्री कर रहे संजय मांजरेकर और ग्लेन मैक्ग्रा लंच-ब्रेक के दौरान इसी मसले पर आमने-सामने आ गए. मैक्ग्रा ने कहा, ‘टीवी रीप्ले से साफ है कि वह गेंद लेग स्टंप पर लगती. गेंद का ज्यादा हिस्सा विकेट से टकराता. अगर इसके बावजूद बल्लेबाज आउट नहीं है तो फिर उसे आउट कब दिया जाएगा. मेरे ख्याल से यह पूरी तरह आउट था.संजय मांजरेकर ने कहा, ‘ऐसा पहली बार नहीं है, जब अंपायर्स कॉल के तहत किसी बल्लेबाज को नॉट आउट करार दिया गया है. वैसे भी डीआरएस में हम टेक्नोलॉजी के तहत यह तय करते हैं कि कोई गेंद विकेट पर लगती या नहीं या किस हिस्से पर लगती. अगर ऐसे मामले में कुछ मिलीमीटर के अंतर के आधार पर अंपायर का कोई निर्णय बरकरार रखा जाता है तो मैं इसका समर्थन करूंगा.’
Herald