

नई दिल्ली. चीन के वुहान से फैली कोरोना वायरस महामारी ने पूरी दुनिया को अपना शिकार बनाया है. इस महामारी की वजह से दुनिया के हर सेक्टर पर कोविड-19 का असर रहा है. पूरी दुनिया को कई महीनों तक लॉकडाउन जैसी स्थिति का सामना करना पड़ा है. लॉकडाउन खुलने के बाद जिंदगी एक बार फिर से चल तो पड़ी है, लेकिन पहले जैसे नहीं रही है. अब भी लोग कई पाबंदियों के साथ जीने को मजबूर है. बाकी सेक्टर की तरह खेल जगत पर कोरोना का असर देखने को मिला. लंबे वक्त तक लगभग हर खेल के खिलाड़ी घरों में कैद रहे, लेकिन फिर धीरे-धीरे खेलों की दुनिया पटरी पर लौटने लगी.

कई महीनों तक क्रिकेट बंद रहने के बाद इसकी दोबारा शुरुआत हुई, लेकिन कई नियमों और बंदिशों के साथ. क्रिकेट वापस तो लौटा, लेकिन सलाइवा बैन के साथ. यानी अब गेंदबाज बॉल को चमकाने के लिए लार का इस्तेमाल नहीं कर सकते. इस मुद्दे को लेकर काफी बहस चली, लेकिन अब खिलाड़ियों ने इसका हल मैदान पर ही निकाल लिया है. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ब्रिस्बेन के गाबा में खेले जा रहे बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के चौथे और अंतिम टेस्ट मैच में भारतीय बल्लेबाज मयंक अग्रवाल ने गेंद को चमकाने की मॉडर्न तकनीक दिखाई. जब शार्दुल ठाकुर अपना ओवर पूरा करके जा रहे थे तो मयंक अग्रवाल ने उनके हाथ पर लगे पसीने से गेंद को रगड़ा और चमकाया. क्रिकेट डॉट कॉम डॉट एयू ने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से इस मजेदार वीडियो को शेयर किया गया है.

बता दें कि पूरी दुनिया में खेली जा रही क्रिकेट सीरीज बायो बबल में हो रही हैं. बायो बबल एक ऐसा वातावरण है, जिससे बाहरी दुनिया में रहने वालों को कोई संपर्क नहीं होता, इसमें रखे जाने वाले लोग बाहर की दुनिया से पूरी तरह से कट जाते है. किसी भी क्रिकेट सीरीज में खिलाड़ी, कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ, मैच ऑफिशियल, होटल स्टाफ का कोरोना टेस्ट कराया जाता है, इसके बाद सभी को बायो बबल में प्रवेश दिया जाता है. इसके बाद कोई भी इससे बाहर नहीं निकल सकता है और ना ही बाहर से इसमें कोई अंदर सकता है.
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