

स्पोर्ट्स डेस्क। इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने चेन्नई में हुए दूसरे टेस्ट में अपनी टीम की करारी हार के लिए खिलाड़ियों को रोटेट करने की नीति का बचाव किया है. रूट ने कहा है कि मौजूदा हालात ही ऐसे हैं और उनकी जिम्मेदारी है कि खिलाड़ियों से कैसे अच्छा प्रदर्शन करवाया जाए. रूट ने साथ ही चेपॉक स्टेडियम की पिच को लेकर मचे बवाल को भी नकार दिया है. इंग्लैंड के कुछ पूर्व क्रिकेटरों और मीडिया ने टीम की रोटेशन पॉलिसी की आलोचना की थी और साथ ही चेन्नई की पिच को टेस्ट क्रिकेट के स्तर का नहीं माना था. रूट ने इन कारणों को दोष देने के बजाए भारत को जीत का श्रेय दिया है और कहा कि उन्होंने हर विभाग में अव्वल प्रदर्शन किया.

चेन्नई में ही हुए पहले टेस्ट में इंग्लैंड ने मेजबान भारत को 227 रनों से करारी शिकस्त दी थी. इस नतीजे के बाद इंग्लैंड ने मैच जीतने वाली प्लेइंग इलेवन में ही बदलाव कर दिए. विकेटकीपर जॉस बटलर देश वापस लौट गए, जबकि जेम्स एंडरसन को आराम दिया गया. इनके अलावा भी कुछ खिलाड़ियों को टीम में शामिल नहीं किया गया था. इंग्लैंड के कई पूर्व क्रिकेटर और मीडिया लगातार इस पर सवाल उठा रहे हैं. ऐसे में दूसरे टेस्ट में मिली हार के बाद एक बार फिर ये मुद्दा उठने लगा और इंग्लिश टीम की इस नीति सवालों के घेरे में आ गई है. हालांकि, टीम के कप्तान रूट ने इस नीति का बचाव किया है.

मैच के बाद रूट ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “मुझे लगता है कि हमारे पास कुछ शानदार खिलाड़ी हैं जो यहां जीतने में सक्षम है. टीम का चयन होने के बाद यह मेरी जिम्मेदारी है कि उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन लिया जाये और अधिक से अधिक मैच जीता जाए. यह मुश्किल और चुनौतीपूर्ण है लेकिन अभी के समय में सब कुछ ऐसा ही है. कोविड-19 महामारी के दौर में हम जितना क्रिकेट खेल रहे है उसमें हमें सभी चीजों का प्रबंधन करना है.”इतना ही नहीं, पहले दिन से ही टर्न ले रही चिदंबरम स्टेडियम की पिच भी कई पूर्व क्रिकेटरों के निशाने पर आई. माइकल वॉन और मार्क वॉ जैसे पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों ने इसे टेस्ट मैच के लिए उपयुक्त पिच नहीं माना था. हालांकि, रूट ने इसे किसी भी तरह का बहाना मानने से मना कर दिया.
रूट ने कहा, “यह चुनौतीपूर्ण विकेट था. टॉस जीतना जरूरी था लेकिन वह भी जीत की गारंटी नहीं देता. भारत ने यह दिखाया कि इस पिच पर रन बनाये जा सकते हैं और उससे निपटने का तरीका निकाला जा सकता है. हमें भारत से सीखने की जरूरत है.”रूट ने साथ ही भारत को जीत का श्रेय दिया और कहा कि टीम इंडिया ने हर मोर्च पर उनकी टीम को परास्त कर दिया. रूट ने कहा, “जीत का श्रेय पूरी भारतीय टीम को जाता है. उन्होंने हमें तीन विभागों में पराजित किया. यह हार हमारे लिए सीख लेने वाली है. हमें ऐसे वातावरण में जहां स्पिन गेंदबाजों को फायदा पहुंचता है, उसमें स्कोर करने का रास्ता खोजना होगा.
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