

इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में नौ विकेट चटकाने वाले टीम इंडिया के अनुभवी गेंद रविचंद्रन अश्विन मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए भावुक हो गए। इस दौरान उन्होंने जो कहा वह बयान वाकई दिल छू लेने वाला है। गेंदबाजों की कब्रगाह पिच पर करीब 73 ओवर डालना आसान नहीं होता। मगर गेंदबाजी से रविचंद्रन अश्विन को इतनी खुशी मिलती है कि वह विषम परिस्थितियों में शरीर पर पड़ने वाले बोझ को भी भूल जाते हैं। दरअसल, चौथे दिन का खेल समाप्त हो जाने के बाद जब वह मीडिया से मुखातिब हुए तो उनसे 'ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आखिरी टेस्ट से बाहर रहे' पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'लोग काफी रोचक विश्लेषण करते हैं कि क्या होगा और क्या नहीं लेकिन एक क्रिकेटर के जेहन में यह बात सबसे आखिरी होती है।'

उन्होंने कहा, 'रोज 40 से 45 ओवर डालना और फिर नेट्स पर जाना मेरी क्रिकेट दिनचर्या का हिस्सा है। गेंदबाजी में मुझे इतनी खुशी मिलती है कि कई बार शरीर साथ नहीं देता तो भी मैं गेंदबाजी करता रहता हूं। मुझे इससे इतना प्यार है।अश्विन ने भी ईशांत शर्मा की तरह स्वीकार किया कि पिच पूरी तरह से सपाट है और टॉस की भूमिका अहम रही। उन्होंने आगे कहा, 'जब मैने विकेट देखी तो मुझे लगा कि बल्लेबाजी के लिये अच्छी होगी लेकिन दूसरे दिन से बेहतर होती जाएगी। यह वाकई सपाट पिच है और टॉस काफी अहम रहा।

उन्होंने आगे कहा, 'फिर भी मेरा मानना है कि हमने आज अच्छी वापसी की। पांचवें दिन अच्छा खेलने पर हम जीत भी सकते हैं।' बता दें कि अश्विन ने दोनों पारियों में कुल मिलाकर नौ विकेट चटकाए, जिसमें से छह विकेट दूसरी पारी में लिए।इंग्लैंड ने भारत को क्यों नहीं दिया फॉलोऑन... के सवाल पर अश्विन ने कहा, 'उनके पास दो विकल्प थे लेकिन उन्होंने अपने गेंदबाजों को आराम देने के लिए फॉलोआन नहीं दिया। हालांकि, बाहर से यह बात उतनी अच्छी तरह से नहीं समझी जा सकती क्योंकि कई बार तरोताजा गेंदबाज थके हुए गेंदबाजों की तुलना में कमाल कर सकते हैं।वहीं, अश्विन ने इशांत शर्मा को टेस्ट क्रिकेट में 300 विकेट पूरे होने पर बधाई। इसके साथ ही उन्होंने कहा, 'मैं इशांत को इसकी बधाई दूंगा लेकिन मैं चाहता हूं कि वह 400 या शायद 500 विकेट लेकर भारत के भविष्य के तेज गेंदबाजों के लिए रोडमैप तैयार करें।
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