

स्पोर्ट्स डेस्क। टीम इंडिया की ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ऐतिहासिक जीत का खुमार इंग्लैंड को हाथों पहले टेस्ट में 227 रन से मिली हार के साथ ही उतर गया। इस मैच से दर्शकों की मैदान पर वापसी होगी और घरेलू मैदान पर अपने फैंस के बीच भारतीय टीम पर दबाव भी होगा और उत्साह भी बढ़ेगा। चेपॉक की नई पिच पर कम उछाल होगा और इससे इसी स्थान पर हुए पहले टेस्ट की तुलना में जल्दी टर्न मिल सकता है। पहले मुकाबले में चेपॉक की लाल मिट्टी की पिच से चौथे दिन तक तेज टर्न नहीं मिल रहा था।

चेपॉक की नई गहरे रंग की पिच पहले टेस्ट की पिच से अलग है और इससे टर्न मिलने की उम्मीद है। ऐसे में रविचंद्रन अश्विन को दूसरे छोर से सहयोग की जरूरत होगी । फिट हो चुके अक्षर पटेल का खेलना लगभग तय लग रहा है हालांकि कुलदीप यादव के चयन की संभावना कम ही लग रही है टर्निंग पिच पर वह वाशिंगटन सुंदर से बेहतर विकल्प हैं लेकिन बल्लेबाजी को तवज्जो देने पर हरफनमौला हार्दिक पंड्या को उतारा जा सकता है। सुंदर आने वाले समय में बेहतरीन हरफनमौला बन सकते हैं, लेकिन अभी वह तीसरे विशेषज्ञ स्पिनर के तौर पर खेलने के काबिल नहीं हैं।

पहले टेस्ट की हार के बाद टीम प्रबंधन के सामने दो विकल्प थे। पहला पिच पर घास छोड़ दी जाए और दूसरा घास हटाकर थोड़ा ही पानी डाले ताकि पिच धूप में सूख जाए। ऐसे में यह समय से पहले टूटने लगेगी, लेकिन अतीत में ऐसे प्रयोग उलटे पड़े हैं। पुणे में 2017 में टर्निग पिच पर पहले ही दिन स्टीव स्मिथ ने दबाव बना दिया था। मेजबान टीम को इल्म नहीं था कि गेंद इतना टर्न लेगी। मुंबई में 2012 में केविन पीटरसन ने ऐसी ही पिच पर 186 रन बनाए थे। दोनों मैचों में विरोधी स्पिनरों ने हालात का पूरा फायदा उठाकर भारत को उसकी मांद में ही खदेड़ा था। टॉस की भूमिका भी अहम होगी और कोहली की नजरें पहले बल्लेबाजी पर लगी होगी। रोहित शर्मा से बड़ी पारी की उम्मीद होगी जो वह नहीं खेल पा रहे हैं। कोहली के साथ दूसरे छोर पर चेतेश्वर पुजारा, अजिंक्य रहाणे या ऋषभ पंत को बड़ी पारी खेलनी होगी।
Herald