

स्पोर्ट्स डेस्क। भारत की टेस्ट टीम से बाहर होने के बाद से पृथ्वी शॉ जबरदस्त फॉर्म में चल रहे हैं। 21 वर्षीय युवा सलामी बल्लेबाज ने विजय हजारे ट्रॉफी में एक बार फिर से आक्रामक बल्लेबाजी की। श्रेयस अय्यर की गैरमौजूदगी में पृथ्वी ने एक बार फिर से मुंबई की कमान संभाली। उन्होंने मंगलवार को सौराष्ट्र के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी की और 123 गेंदों में 185 रनों की नाबाद पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 21 चौके और सात छक्के लगाए। शॉ की कप्तानी पारी के दम पर मुंबई की टीम आसानी से सेमीफाइनल में पहुंच गई। पृथ्वी ने अपनी आतिशी पारी के दौरान कई रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिए। उन्होंने भारत के पूर्व कप्तान दिग्गज महेंद्र सिंह धोनी और मौजूदा कप्तान विराट कोहली के पुराने रिकॉर्ड भी तोड़ दिए। शॉ अब लिस्ट ए क्रिकेट में लक्ष्य का पीछा करते हुए सबसे बड़ी पारी खेलने वाले भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।

शॉ से पहले यह रिकॉर्ड संयुक्त रूप से धोनी और विराट के नाम दर्ज था। धोनी ने 2005 में श्रीलंका के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए 183 रनों की नाबाद पारी खेली थी, वहीं विराट कोहली ने 2012 में पाकिस्तान के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए 183 रन बनाए थे। शॉ के मौजूदा फॉर्म की बात करें तो उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के छह मैचों में अब तक 589 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने दो शतक और एक दोहरा शतक भी लगाया है। उनकी स्ट्राइक रेट भी 134 की रही है।
बात करें क्वार्टर फाइनल मुकाबले की तो सौराष्ट्र ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई के खिलाफ पांच विकेट के नुकसान पर 284 रन बनाए। जवाब में मुंबई की टीम ने एक विकेट खोकर 41.5 ओवर में ही लक्ष्य को हासिल कर लिया। मुंबई की तरफ से कप्तान पृथ्वी (185*), यशस्वी जायसवाल (75) और आदित्य तारे (20*) रन बनाए।
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