

अहमदाबाद. इंग्लैंड के खिलाफ 4 टेस्ट की सीरीज में ऋषभ पंत ने अपने ऑलराउंड खेल से सबको प्रभावित किया. उन्होंने सीरीज के आखिरी टेस्ट में मुश्किल हालात में शतक जड़कर टीम की जीत तय की और वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में पहुंचाने में अहम रोल निभाया. उन्होंने सीरीज में कई मौकों पर टीम के लिए रन बनाए. उनकी इसी खूबी के कारण इंग्लैंड के कप्तान जो रूट ने भी इस विकेटकीपर बल्लेबाज की तारीफ की है. रूट ने कहा कि पंत को खामोश रखना बहुत मुश्किल है. वो जिस अंदाज में बल्लेबाजी करते हैं उसमें गेंदबाजों के लिए उन पर दबाव बनाना बहुत मुश्किल हो जाता है. अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि आखिरी टेस्ट में उन्होंने उस गेंदबाज के खिलाफ रिवर्स स्वीप शॉट खेला जो टेस्ट क्रिकेट में 600 से ज्यादा विकेट ले चुका है.

ये वाकई पंत की काबिलियत है और उनके साहस का उदाहरण है. दरअसल, इंग्लिश कप्तान पंत के उस शॉट का जिक्र कर रहे थे जो उन्होंने चौथे टेस्ट के दूसरे दिन जेम्स एंडरसन की गेंद पर खेला था. वो भी तब जब इंग्लैंड ने दूसरी नई गेंद ली ही थी.पंत का अपनी बल्लेबाजी पर कितना यकीन है, इसका अंदाजा मैच के बाद उनके इस बयान से लगाया जा सकता है जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर मौका मिलेगा तो दोबारा किसी तेज गेंदबाज के खिलाफ रिवर्स स्वीप खेलूंगा.इंग्लिश कप्तान ने पंत की विपक्षी टीम को दबाव में लाने की काबिलियत की तारीफ की. उन्होंने कहा कि सीरीज में कई खिलाड़ियों ने अच्छी बल्लेबाजी की. लेकिन इस तरह की कंडीशंस में जिस तरह पंत ने खेला उसने सीरीज में काफी बड़ा फर्क पैदा किया.

एक वक्त हम चौथे टेस्ट में बने हुए थे. लेकिन पंत और वॉशिंगटन सुंदर के बीच हुई पार्टनरशिप ने हमारे लिए आगे की राह मुश्किल कर दी. हमें मैच पर पकड़ मजबूत करने के मौके मिले थे लेकिन हम इसमें नाकाम रहे. दरअसल, पंत और सुंदर ने इंग्लैंड के खिलाफ पहली पारी में टीम के 6 विकेट जल्दी गिर जाने के बाद सातवें विकेट के लिए 113 रन की साझेदारी की थी. इस साझेदारी की वजह से भारत इंग्लैंड पर 160 रन की बढ़त हासिल कर पाया और इंग्लैंड को पारी और 25 रन से हराने में सफल रहा.
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