

भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने टीम इंडिया में खिलाड़ियों को खिलाने को लेकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को आंकड़ों की जगह प्रतिभा के आधार पर मौका मिलना चाहिए। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 सीरीज के पहले तीन मुकाबलों में केएल राहुल फ्लॉप रहे हैं। पिछले मैचों में वो अपना खाता तक नहीं खोल सके हैं। वहीं शिखर धवन की बात करें तो उन्हें पहले मैच में खेलने का मौका मिला था। लेकिन वो चार रन बनाकर आउट हो गए थे। इसके बाद उन्हें अगले दो मैचों में मौका नहीं दिया गया। ईशान किशन को भारत ने पिछले दो मैचों में मौका दिया है।

सहवाग ने क्रिक बज के शो में कहा कि मुझे नहीं लगता कि भारतीय टीम मैनजमेंट, कोच और कप्तान आंकड़े देखकर फैसले ले रहे हैं। ऐसे में हम लोगों को भी आंकड़ों पर बात नहीं करना चाहिए। जिस खिलाड़ी के आंकड़े अच्छे लगते हैं, अगर में शिखर धवन की बात करूं तो आईपीएल में उनके 600 से ज्यादा रन थे। लेकिन वो प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं है। दो तीन मैच में से शार्दुल ठाकुर के अगर एक दो मैच खराब होते हैं तो अगले मैच कोई और तेज गेंदबाज आएगा। बुमराह आएंगे तो कौन बाहर बैठेगा। ऐसे में आंकड़े बेकार हो जाते हैं। मुझे लगता है कि सिलेक्टर्स और मैनेजमेंट आंकड़ो को अपने हिसाब से इस्तेमाल करती है। अगर किसी को खिलाना है तो उसके आंकड़ें दिखा देती है और अगर बाहर करना है तो खराब आंकडे़ं दिखाती है।

सहवाग ने कहा कि आंकड़े नहीं देखने चाहिए, खिलाड़ी की प्रतिभा देखनी चाहिए। ये देखना चाहिए कि उसमें क्या दम खम है। क्या वो भारतीय टीम को मैच जीता सकता है अपने दम पर या नहीं जीता जा सकता है। शिखर धवन, केएल राहुल, ईशान किशन और रोहित शर्मा ये चारों ऐसे खिलाड़ी हैं, जिस दिन चलेंगे तो अपने दम पर मैच जीता लेंगे। केएल राहुल को आपने तीन मौके दिए और दूसरे खिलाड़ी को आपने एक मैच के बाद बाहर बैठा दिया। ये मेरी समझ से बाहर है।
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