

नई दिल्ली. इंग्लैंड वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल की रेस से पहले ही बाहर हो चुका है. भारत के खिलाफ दूसरे और तीसरे टेस्ट में मिली करारी हार के बाद उसके पास चौथे और आखिरी टेस्ट में साख बचाने की बड़ी चुनौती है. हालांकि, यहां भी मेजबान टीम की राह आसान नहीं होने वाली है. उन्हें आखिरी मुकाबले में भी टर्निंग ट्रैक मिल सकता है. भले ही अहमदाबाद में हुए तीसरे टेस्ट के पिच को लेकर चौतरफा आलोचना हो रही हो. लेकिन भारत की सोच पर इसका असर नहीं पड़ेगा. कम से कम इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज केविन पीटरसन को तो ऐसा ही लगता है. उन्होंने इस टेस्ट में जीत के लिए इंग्लैंड को गुरु मंत्र भी दिया है.

केविन पीटरसन ने एक ब्लॉग में कहा कि मुझे नहीं लगता कि तीसरे टेस्ट की पिच की आलोचना के बाद चौथे मैच में बल्लेबाजी के अनुकुल पिच तैयारी की जाएगी. ऐसे में अगर इंग्लैंड को इस मैच में जीत दर्ज करनी है तो उसे पहली पारी में अच्छी बल्लेबाजी करनी होगी. अगर मेहमान टीम ऐसा करने में सफल रहती है तो सीरीज का नतीजा बराबरी पर छूट सकता है.

इस सीरीज में स्पिनर्स के खिलाफ बल्लेबाजी नहीं कर पाने की वजह से इंग्लैंड के बल्लेबाज निशाने पर हैं. लेकिन पीटरसन ने उनके साथ खड़े हैं. उन्होंने कहा कि इंग्लैंड के युवा बल्लेबाजों को खराब प्रदर्शन के लिए जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा. मैं युवा बल्लेबाजों पर उंगली नहीं उठाना चाहता हूं. इंग्लैंड के कई बल्लेबाजों का ये पहला भारत दौरा है तो उनके लिए ये सीखने का बड़ा मौका है. मुझे लगता है कि इन युवाओं को खुद पर दबाव हावी नहीं होने देना चाहिए. उन्हें ये सोचना चाहिए कि उनके पास भारत में एक और टेस्ट खेलने का मौका है और वो यहां बेहतर कर सकते हैं. इंग्लिश बल्लेबाजों को यही सोचना चाहिए कि वो कैसे खेल को बेहतर कर सकते हैं? अगर वो इस सोच से मैदान में उतरेंगे तो शायद सीरीज बराबर करने में भी कामयाब हो जाएं.
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