

टीम इंडिया के मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती फिटनेस टेस्ट में फेल रहने के कारण इंग्लैंड के खिलाफ शुक्रवार से शुरू हो रही पांच टी-20 इंटरनेशनल मैचों की सीरीज से बाहर हो गए हैं, जबकि तेज गेंदबाज टी. नटराजन का चोट के कारण सीरीज के शुरुआती हिस्से में खेलना संदिग्ध है. वरुण चक्रवर्ती बेंगलुरु की नेशनल क्रिकेट अकादमी में लगातार फिटनेस टेस्ट पास करने में फेल रहे हैं जबकि यॉर्कर स्पेशलिस्ट नटराजन कंधे की चोट के कारण अब तक टीम के साथ नहीं जुड़े हैं. मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती दावा कर चुके हैं कि वह सात तरह से गेंद फेंक सकते हैं. इनमें ऑफब्रेक, लेगब्रेक, गुगली, कैरम बॉल, फ्लिपर, टॉपस्पिन, पैर की उंगलियों पर यॉर्कर शामिल है. मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती का बाहर होना टीम इंडिया के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं हैं.

बीसीसीआई के एक सूत्र ने बताया, ‘वरुण चक्रवर्ती को चुना गया था, क्योंकि वह कंधे की चोट से उबर गए थे जिसके कारण वह ऑस्ट्रेलिया दौरे से बाहर थे. उसने एनसीए में रिहैबिलिटेशन पूरा किया और वह सामान्य रूप से गेंद थ्रो कर रहा था.’ बीसीसीआई के सूत्र ने कहा, ‘वरुण चक्रवर्ती दो बार यो-यो टेस्ट में फेल रहे, जिसमें उन्हें दो किमी दौड़ना था.’ सवाल अब यह उठ रहा है कि चेतन शर्मा की अगुवाई वाली चयन समिति ने ऐसे खिलाड़ी का चयन क्यों किया जो अक्टूबर के बाद अपने राज्य तमिलनाडु के लिए भी कोई मैच नहीं खेला है.

सूत्र ने कहा, ‘हम समझ सकते हैं कि मुश्ताक अली टी-20 चैम्पियनशिप के दौरान वह रिहैबिलिटेशन से गुजर रहा था, लेकिन फिर वह विजय हजारे ट्रॉफी में भी एक भी मैच नहीं खेला. आप पांच महीने पहले खेले गए मैचों के दम पर उनकी मैच फिटनेस कैसे परख सकते हैं. मुझे लगता है कि वरुण चक्रवर्ती चयनकर्ताओं के लिए सबक है.’ सूत्र ने कहा, ‘अगर कोई खिलाड़ी भारतीय टीम द्वारा स्थापित मापदंडों पर खरा नहीं उतरता है तो सिर्फ उसकी गेंदबाजी ही चयन का आधार नहीं हो सकती.पता चला है कि राहुल चाहर को टीम में शामिल किया जाएगा, क्योंकि वह टेस्ट सीरीज की शुरुआत से ही जैविक रूप से सुरक्षित माहौल का हिस्सा हैं. एनसीए के चिकित्सा कर्मचारी नटराजन की फिटनेस हासिल करने में मदद कर रहे हैं, जिससे कि वह कम से कम सीरीज के दूसरे हाफ में खेल सकें.
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