

पिछले कुछ वक्त में भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों का उदय तेजी से हुआ है. चाहे भारतीय सरजमीं हो या फिर विदेशी स्पिनर्स के मुकाबले पेसर ज्यादा विकेट निकाल रहे हैं. ऐसे में भारत के पूर्व टेस्ट विशेषज्ञ और मिस्टर भरोसेमंद लक्ष्मण ने भारतीय स्पिनर्स को लेकर अपनी राय दी है. लक्ष्मण का कहना है कि भारत के स्पिन गेंदबाजी आक्रमण का धीमा पतन हो रहा है. लक्ष्मण ने हाल ही में स्पिन गेंदबाजी विभाग में भारत के बढ़ते संकट पर अपने विचार साझा किए. इसके साथ ही उन्होंने कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल के घटते फॉर्म को लेकर चिंता भी जताई.

वीवीएस लक्ष्मण का मानना है कि यजुवेंद्र चहल और कुलदीप यादव प्रभावित करने में लगातार असफल रहे हैं और टीम प्रबंधन ने आगामी टी20 वर्ल्ड कप और 2023 के वनडे वर्ल्ड कप के मद्देनजर उनके विकल्प खोजने शुरू कर दिए हैं. चहल और कुलदीप की जोड़ी एक समय व्हाइट बॉल क्रिकेट में भारत के आक्रमण की जान रही है, लेकिन पिछले कुछ सालों में तीनों फॉर्मेट में उन्हें संघर्ष करते देखा गया है. ऐसे में लक्ष्मण को लगता है कि वनडे में खासतौर पर गेंदबाजी क्वॉलिटी में गिरावट आगामी वनडे वर्ल्ड कप के लिए परेशान करने वाली बात है. लक्ष्मण ने टाइम्स ऑफ इंडिया में अपने कॉलम में कहा, ''अगले ढाई सालों में भारत को तीन वर्ल्ड कप खेलने हैं. ऐसे में भारत को छठे गेंदबाज की जरूरत है. सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात है- स्पिन गेंदबाजी में. खासतौर पर 50 ओवर क्रिकेट में गिरावट आना.

उन्होंने कहा, ''लगता है युजवेंद्र चहल ने टीम प्रबंधन ने अपना आत्मविश्वास खो दिया है. कुलदीप यादव आउट ऑफ फॉर्म हैं. 50 ओवर का वर्ल्ड कप दो ढाई साल दूर है. भारत को मिडिल ओवर में विकेट लेने वाले गेंदबाज चाहिए.'' हाल ही में इंग्लैंड के खिलाफ समाप्त हुई वनडे और टी20 सीरीज में चहल टीम का हिस्सा थे, लेकिन यह लेग स्पिनर केवल तीन टी20 खेल पाया. अंतिम दो मैचों में उन्हें ड्रॉप किया गया. कुलदीप यादव ने दो वनडे खेले, लेकिन उन्हें एक भी विकेट नहीं मिला. चहल और कुलदीप दोनों ही रंग में दिखाई नहीं दिए. वाशिंगटन सुंदर, राहुल चाहर, राहुल तेवतिया और अक्षर पटेल लाइन में हैं. चहल रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के मुख्य गेंदबाज हैं. एक बार फिर उनकी निगाहें आईपीएल 2021 पर होंगी. वहीं, कुलदीप यादव कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलेंगे. दोनों स्पिनरों के लिए आईपीएल 2021 अहम साबित होगा.
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