नई दिल्ली. कोरोना पॉजिटिव पाए गए पूर्व भारतीय क्रिकेट कप्तान सौरव गांगुली ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण महामारी की चपेट में नहीं आए हैं। उनके सैंपल में खतरनाक डेल्टा वैरिएंट पाया गया है। डेल्टा वैरिएंट के कारण ही देश में कोरोना की दूसरी लहर आई थी, जिसमें बड़े पैमाने पर मौत दर्ज की गई थी। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, 49 वर्षीय सौरव के सैंपल की रिपोर्ट दो दिन पहले आई थी, जिसमें उनके सैंपल में डेल्टा वैरिएंट की पुष्टि हुई है। हॉस्पिटल के डॉक्टर्स का कहना है कि अब सौरव का इलाज डेल्टा वैरिएंट के प्रोटोकॉल के हिसाब से ही किया जा रहा है।
* चार दिन रहकर हो चुके हैं हॉस्पिटल से डिस्चार्ज
सौरव गांगुली के पॉजिटिव पाए जाने के बाद उन्हें चार दिन तक हॉस्पिटल में रखकर इलाज किया गया। डॉक्टरों की तरफ से उनके अंदर गंभीर लक्षण नहीं होने की रिपोर्ट देने के बाद उन्हें घर पर आइसोलेट कर दिया गया है। वह अगले 15 दिन तक डॉक्टर्स की निगरानी में रहेंगे। इस दौरान यह भी ध्यान रखा जाएगा कि उन्हें कोविड के कारण किसी जटिलता का सामना तो नहीं करना पड़ रहा है।

* एंटीबॉडी कॉकटेल थेरेपी दी गई है गांगुली को
सौरव गांगुली को पिछले सोमवार को टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर वुडलैंड्स हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। अस्पताल प्रशासन की ओर से बताया गया है कि गांगुली को 'मोनोक्लोनल एंटीबॉडी कॉकटेल थेरेपी' दी गई है, जिससे डेल्टा वैरिएंट को भी मात दी जा सकती है। हालांकि सौरव के अंदर डेल्टा वैरिएंट होने के बावजूद कोरोना के बेहद हल्के लक्षण ही थे। गांगुली के बड़े भाई स्नेहाशीष गांगुली , भाभी और मां भी 2020 जुलाई में कोरोना संक्रमित हो गए थे। हालांकि, उस समय गांगुली की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई थी। वह कुछ दिन तक घर पर ही क्वारैंटाइन थे
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