स्पोर्ट्स डेस्क. आईपीएल का सीजन बदला, टीम बदली तो हार्दिक पंड्या (Hardik Pandya) के तेवर भी बदल गए. अब वो तेवर मैदान पर अपना रंग दिखा रहा है. IPL 2022 में गुजरात टाइटंस (Gujarat Titans) की जीत में नजर आ रहा है. हार्दिक पंड्या ने किन 5 तरीकों से हमला कर राजस्थान रॉयल्स को हार के मुंह में धकेला अब जरा वो समझ लीजिए. ऐसा दरअसल मुमकिन हुआ है मैच में दिखाए उनके दम की बदौलत. ये दम उनकी बैटिंग, बॉलिंग, फील्डिंग के अलावा कप्तानी में दिखा. इसमें फील्डिंग में उन्होंने हमला करने के दो तरीके आजमाए।
अब तक तो इस तेवर का फ्लेवर इक्का-दुक्का तरीके से ही दिख रहा था. लेकिन राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के खिलाफ मैच में वो पूरे 5 तरीके से नजर आया. नतीजा ये हुआ कि हार्दिक पंड्या ‘वन मैन आर्मी’ बने दिखे. उन्होंने अकेले ही राजस्थान रॉयल्स को हार के मुंह में धकेलने में बड़ी भूमिका निभाई. उनके इस योगदान के बाद गुजरात टाइटंस की पूरी टीम ने जीत का ‘हार्दिक’ स्वागत किया।

* फील्डिंग में ‘डबल अटैक’, बॉलिंग में एक विकेट :
अब फील्डिंग में किए उनके दो कमाल के बारे में जान लीजिए. इसमें एक उनका राजस्थान रॉयल्स के कप्तान संजू सैमसन को रनआउट करना रहा और दूसरा वो कैच जो उन्होंने अपनी ही गेंदबाजी पर जिमी नीशाम का लपका. गुजरात टाइटंस के कप्तान का राजस्थान रॉयल्स के कप्तान को रनआउट करना मैच के टर्निंग पॉइंट में से एक रहा। हार्दिक पंड्या ने राजस्थान के खिलाफ 2.3 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें 18 रन देकर 1 विकेट लिया. ये विकेट ऑलराउंडर जिमी नीशाम का रहा, जिनका उन्होंने खुद कैच लपका था।
* कप्तानी बोले तो हार्दिक पंड्या जैसी :
हार्दिक पंड्या का पांचवां और आखिरी प्रहार कप्तानी वाला रहा. पूरे मैच में या यूं कहें कि पूरे आईपीएल 2022 में अब तक उन्होंने कमाल की कप्तानी की है. उन्होंने संयम और सूझबूझ के साथ टीम को जीत की ओर धकेला है. जहां टीम फंसी वहां खूंटा गाड़ा और जहां टीम ने धावा बोला वहां इन्होंने भी हमला बोला. कुल मिलाकर जैसी टीम की जरूरत वैसी हार्दिक पंड्या की कप्तानी की कहानी रही।
* बल्ले से मारा, राजस्थान को बनाया ‘बेचारा’ :
अब पंड्या के पंच-प्रहार को विस्तार से समझिए. पहले बल्लेबाजी. राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ गुजरात टाइटंस ने पहले बल्लेबाजी की. हार्दिक पंड्या के कदम जब क्रीज पर पड़े थे, तब उनकी टीम संकट में थी. उसके 2 विकेट 15 रन पर ही गिर गए थे. इस सूरत ने पंड्या ने वही किया जो उन्हें करना चाहिए था. उन्होंने एक छोर संभाला और अपने अंदाज में बल्लेबाजी शुरू की और आखिर तक नाबाद रहे. नतीजा ये हुआ कि जब गुजरात टाइटंस की इनिंग खत्म हुआ तब उसके स्कोर बोर्ड पर 20 ओवर में 4 विकेट पर 192 रन जुड़ चुके थे, जिसमें पंड्या का योगदान 52 गेंदों पर नाबाद 87 रन का था।
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