खेल डेस्क। विश्व कप के 44 साल के इतिहास में रविवार को पहली बार ऐसा देखने को मिला जिसकी शायद किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी।
लॉड्र्स के मैदान पर रविवार को मेजबान इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच खेला गया फाइनल मैच टाई होने के बाद सुपर ओवर का सहारा लिया गया, देखने वाली बात ये रही कि सुपर ओवर भी टाई हो गया। इसके बाद मैच की पारी में लगाए गए चौकों के आधार पर परिणाम घोषित किया गया। इसमें इंग्लैंड विरोधी टीम के खिलाफ बाजी मारने में सफल रहा। इंग्लैंड ने अपनी पारी में 22 चौके लगाए थे जबकि न्यूजीलैंड ने अपनी पारी में 14 चौके लगाए थे।
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न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में आठ विकेट पर 241 रन बनाए। इसके जवाब में मेजबान टीम भी 241 रन ही बना सकी। इसके बाद सुपर ओवर में इंग्लैंड ने 15 रन बनाए। इसके जवाब में न्यूजीलैंड भी केवल 15 रन ही बना सकी। इसके बाद मैच के चौकों के आधार पर इंग्लैंड को पहली बार विश्व चैम्पियन घोषित किया।
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इंग्लैंड ने चौथे प्रयास में खिताब पर कब्जा किया। इंग्लैंड 1979, 1987 और 1992 का खिताबी मुकाबला हारा था, लेकिन 27 साल बाद उसने अपनी मेजबानी में पहली बार विश्व चैंपियन बनने का सपना पूरा कर लिया। जबकि न्यूजीलैंड लगातार दूसरी बार उप विजेता रहा। मैन में शानदार प्रदर्शन के लिए बेन स्टोक्स को मैन ऑफ द मैच और न्यूजीलैंड के कप्तान केन विलियम्सन को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार दिया गया।